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ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी, कई जिलों में ओलावृष्टि का कहर, जानें आज का मौसम

अटल टनल सहित ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी, कई जिलों में ओलावृष्टि का कहर
सेब, गेहूं, मटर, प्लम और आम की फसलों को भारी नुकसान
मंगलवार को भी येलो अलर्ट, 5 अप्रैल तक मौसम खराब रहने का अनुमान


शिमला/धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। अटल टनल रोहतांग सहित प्रदेश की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और कई अन्य जिलों में ओलावृष्टि और तेज अंधड़ ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए भी अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 5 अप्रैल तक मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान है।

सोमवार को अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल और आसपास के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने सोलंग बैरियर से आगे वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि अत्यंत जरूरी होने पर ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा करें और संभव हो तो केवल 4×4 वाहनों का उपयोग करें।

शिमला जिले के नारकंडा, कुमारसैन, ठियोग, रामपुर और रोहड़ू में दोपहर बाद तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे सेब के बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है। बागवानों का कहना है कि नई फसल पर ओलों की मार से लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। इसी तरह मंडी के सराज क्षेत्र में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से मटर, सेब और प्लम की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है।

कुल्लू और सैंज घाटी के शैंशर और देहुरीधार पंचायतों में भी ओले गिरने से नाशपाती, प्लम, गोभी और मटर को नुकसान हुआ है। कांगड़ा जिले में तेज हवाओं और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं और आम की फसल प्रभावित हुई है।

चंबा जिले में बारिश के कारण 61 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए, जिससे करीब 300 गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। वहीं खराब मौसम के कारण गगल एयरपोर्ट पर दिल्ली से आने वाली एक उड़ान भी रद्द करनी पड़ी।

मौसम विभाग के अनुसार यह पूरा सिस्टम वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से बना है। 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी। किसानों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कल्पा, केलांग, कुकुमसेरी और ताबो जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहा, जिससे सुबह और शाम ठंडक फिर बढ़ गई है।